वाराणसी। श्रावण मास में देवगुरु बृहस्पति का भव्य तिरंगा श्रृंगार किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पंचामृत स्नान कराया गया। इस दौरान दर्शन-पूजन के लिए भक्त उमड़े। पूरे मंदिर परिसर को तिरंगा कलर में सजाया गया। इसके लिए माला फूल, तिरंगा कलर की लाइटें, बैलून आदि लगाए गए। स्वर्ण मुखौटा व चांदी के छत्र, अष्टधातु के पालना पर बाबा को विराजमान किया गया। मुख्य द्वार को अशोक की पत्ती, कामिनी पत्ती एवं तिरंगे कपड़े एवं विद्युत झालर से सजाया गया। मंदिर के पुजारी व बाबा के प्रधान सेवक अजय गिरी ने भोर में चार बजे बाबा की मंगला आरती की। शयन रात्रि एक बजे कराया गया। अभिषेक गिरी और अभय गिरी ने भोर आरती रूद्राभिषेक के साथ सम्पन्न कराया। इसके बाद भोग प्रसाद का वितरण किया गया। सांयकाल वाराणसी के कलाकारों की ओर से भजन गीतों की प्रस्तुति देकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया गया अजय गिरी ने कहा श्रावण मास में प्रत्येक बृहस्पतिवार को देवगुरु का विशेष श्रृंगार किया जा रहा है। इसी क्रम में यह सावन का चौथा श्रृंगार है। इस दौरान मंदिर परिसर व बाबा की प्रतिमा श्रृंगार तिरंगा कलर में किया गया है। इससे देशवासियों को यह संदेश देने का प्रयास किया गया है कि देश की अखंडता और एकता बनाए रखें। बताया कि अगले बृहस्पतिवार को बाबा का हिम श्रृंगार किया जाएगा। बाबा परिवार के साथ जल विहार करेंगे।