मोहनलालगंज लखनऊ
मोहनलालगंज नगर पंचायत के डेहवा गांव के मजरा कुसली खेड़ा में विद्युत विभाग की लापरवाही से बिजली के खंभे में लगे स्टे वायर में करंट उतरने से एक किसान व उसकी भैंस की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई किसान के मौत की सूचना मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया वही गांव वालों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसान के शव का पंचनामा भर पीएम के लिए भेज दिया है। मोहनलालगंज नगर पंचायत के डेहवा गांव के मजरा कुशली खेड़ा निवासी दिनेश कुमार यादव 52 वर्ष पुत्र गंगा प्रसाद यादव की बिजली के खंभे से लगे स्टे वायर में आ रहे करंट की चपेट में आने से मौत हो गई मौत की सूचना मिलते ही परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया। वही मृतक के भाई रमेश यादव ने बताया घर पर भैंस बंधी हुई थी और वह खुलकर चली गई थी उसी को पकड़ने के लिए घर से गए हुए थे भैंस बिजली के खंभे के पास चर रही थी उसी बीच खम्भे में लगे स्टे वायर में आ रहे करंट की चपेट में आकर भैस सहित मेरा भाई दिनेश यादव उम्र लगभग 52 वर्ष भी उसकी चपेट में आ गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई मृतक खेती किसानी कर परिवार का पालन पोषण करता था मृतक के घर में पत्नी सुमन दो अविवाहित बेटी आंचल व अनिका है वही बड़ी बेटी आशु का विवाह 2 वर्ष पूर्व हो गया था |वहीँ बिजली के खंभे में जहाँ करंट आ रहा था उसी से चंद कदमों की दूरी पर सरकारी व प्राइवेट स्कूल भी है गनीमत रही कोई इसकी चपेट में नहीं आया नहीं तो बड़ी दुर्घटना हो सकती थी वही बिजली की चपेट में आए दिनेश का शव पोस्टमार्टम होने के बाद जब घर पहुंचा तो घर में कोहराम मच गया वही ग्रामीणों ने बनी मोहनलालगंज मार्ग पर शव रखकर प्रदर्शन करने लगे प्रदर्शन की सूचना पाकर इंस्पेक्टर मोहनलालगंज संतोष आर्या भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझने का प्रयास किया परिजन व ग्रामीणों ने मौके पर उच्च अधिकारियों को बुलाए जाने एवं मृतक किसान की पत्नी को नौकरी वह अविवाहित दोनों बेटियों को पांच पांच लाख रुपए की आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग पर अड़े रहे ग्रामीणों को मौके पर पहुंचे एसडीएम हनुमान प्रसाद मौर्य एसीपी नितिन कुमार सिंह बिजली विभाग के अधिकारियों ने समझाते हुए किसान के परिजनों को किसान दुर्घटना बीमा मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक सहायता का आश्वासन दिया वहीं बिजली विभाग के अधिकारियों ने विभाग से पांच लाख की आर्थिक मदद दिलवाने का भरोसा दिया वही अंतिम संस्कार के लिए 50 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी अधिकारियों के आश्वासन के बाद परिजनों व ग्रामीणों ने प्रदर्शन खत्म करते हुए मृतक किसान के शव को अंतिम संस्कार के लिए ले गए ।