महोबा, 12 अक्टूबर 2025 —
आज जनपद महोबा में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित पी.सी.एस. प्रारम्भिक परीक्षा-2025 के दौरान कुछ परीक्षार्थी समान नाम वाले परीक्षा केन्द्रों के कारण भ्रमवश गलत परीक्षा केन्द्रों पर पहुँच गए थे। परीक्षा का समय निकट आने पर ये परीक्षार्थी घबराए हुए थे और अपने वास्तविक परीक्षा केन्द्र तक समय से पहुँच पाने में असमर्थ हो रहे थे।
ऐसे समय में महोबा पुलिस ने अपनी संवेदनशीलता, तत्परता और मानवता का परिचय देते हुए “Humanity in Uniform” की मिसाल पेश की।
पुलिस अधीक्षक प्रबल प्रताप सिंह के निर्देशन में, अपर पुलिस अधीक्षक वंदना सिंह एवं क्षेत्राधिकारीगण के पर्यवेक्षण में थाना पुलिस, यातायात पुलिस एवं पीआरवी वाहनों की त्वरित टीमें सक्रिय हुईं और तत्काल मदद के लिए आगे आईं।
महोबा पुलिस ने अपनी कार्यकुशलता और संवेदनशीलता दिखाते हुए भोपाल (म.प्र.) से आए इन्द्रपाल, प्रयागराज से आए गौरव कुमार यादव, अंकुश, सदानन्द चौबे, विवेक, आशीष सहित लगभग 20 भटके हुए परीक्षार्थियों को उनके वास्तविक परीक्षा केन्द्रों तक समय से पहुँचाया, जिससे वे परीक्षा में सम्मिलित हो सके।
यह कदम न केवल एक प्रशासनिक दायित्व का निर्वहन था, बल्कि युवाओं के भविष्य और सपनों को सुरक्षित रखने का सच्चा मानवीय प्रयास भी था।
महोबा पुलिस की यह पहल इस बात का प्रमाण है कि वर्दी में केवल अनुशासन ही नहीं, बल्कि संवेदनशीलता और मानवीय मूल्य भी बसे हैं।
इस सराहनीय कार्य की जनपद भर में व्यापक सराहना की जा रही है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी “Humanity in Uniform – Mahoba Police” अभियान चर्चा का विषय बना हुआ है, जहाँ नागरिकों ने महोबा पुलिस की इस सकारात्मक पहल की प्रशंसा करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया है।
– महोबा पुलिस के जवान पीआरवी वाहनों से परीक्षार्थियों को उनके परीक्षा केंद्रों तक पहुँचाते हुए — “Humanity in Uniform” का ज्वलंत उदाहरण