क्रासरःअचानक हुए घटना से महकमे में मचा हड़कंप
बांदा। पुलिस लाइन परिसर स्थित दशकों पुराने बैरक की छत देर रात अचानक भरभराकर ढह गई। सारा मलबा ऊपर गिर जाने से छत के नीचे सो रहे सिपाही के ऊपर गिरा, जिसमें वह दब गया। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक समेत कई थाने व चौकी की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई। चार जेसीबी बुलाकर तत्काल रेस्क्यू शुरू किया गया। मलबे में दबे सिपाही को निकालकर इलाज के लिये जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां मौजूद डाक्टर ने सिपाही को मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर सुनते ही पुलिस मोहकमा गमगीन हो गया।
पुलिस लाइन परिसर में दशकों पुराना बैरिक है, जिसका निर्माण ब्रिटिशकालीन बताया जा रहा है। काफी समय से उसके एक हिस्से का उपयोग मीटिंग हाल के रूप में किया जा रहा था। बगल से सिपाहियों के उपयोग के लिये जिम कक्ष भी है। सोमवार की रात तकरीबन डेढ़ बजे पुराने बैरिक की छत अचानक भरभराकर ढह गई। बरामदे में सो रहे सिपाही सोनेलाल 50 पुत्र देवीचरण यादव निवासी कट्टरपुर नगीना मूसा नगर कानपुर मलबे में दब गया। सूचना पाकर पुलिस अधीक्षक समेत कई थानों और चौकियों का फोर्स पुलिस लाइन पहुंच गया। मलबे में दबे सिपाही को सुरक्षित निकालने के लिये तत्काल चार जेसीबी बुलवाकर मलबा हटवाने को रेस्क्यू चलाया गया। इस काम में तकरीबन दो घंटे का समय लग गया। मलबे में मिले सिपाही को निकालकर जवानों ने इलाज के लिये जिला अस्पताल पहुंचाया, लेकिन वहां मौजूद डॉक्टर ने सिपाही को मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर सुनते ही समूचा पुलिस महकमा गमगीन हो गया। रात ही में घटना की जानकारी मृतक सिपाही के परिजनों को दी गई। सूचना पर परिजन मौके पर पहुंच गये। मृतक के पुत्र दीपक यादव ने बताया कि उसके पिता वर्ष 1995 में आरक्षी के पद पर भर्ती हुए थे। दीपक के अलावा उसकी तीन बहनें नीलम, रूबी और पूजा हैं। मां मीरा की तकरीबन 10 साल पहले ही मौत हो चुकी थी।

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