क्रासरःघटना के बाद परिवार में मचा कोहराम
क्रासरःपुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा
बांदा। केन नदी के गइला घाट में कजली विसर्जन करने गए सात बच्चे डूब गए। इसमें पांच की मौत हो गई। जबकि दो बच्चों को बचा लिया गया। खबर पाकर एडीएम उमाकांत त्रिपाठी, एसडीएम पैलानी शशिभूषण मिश्र, एसपी अंकुर अग्रवाल समेत कई थानों का फोर्स मौके पर पहुंच गया। गोताखोरों ने सभी शवों को बाहर निकाला। शव पानी से बाहर निकाले जाने के साथ ही परिवारीजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम कराया है।
पैलानी थाना क्षेत्र के सिंधनकलां गांव के मजरा गुरगवां गांव निवासी 19 वर्षीय राखी पुत्री रामगोपाल अपनी चचेरी बहन 13 वर्षीय विजयलक्ष्मी पुत्री रामविशाल, 8 वर्षीय विवेक उर्फ तन्नू पुत्र रामशरण, 12 वर्षीय पावनी पुत्री मनीष, 14 वर्षीय आकांक्षा पुत्री रामऔतार, 5 वर्षीय सूर्यांश पुत्र लवलेश, 8 वर्षीय पुष्पेंद्र पुत्र दिनेश निवासी अरबई थाना कोतवाली नगर बुधवार की सुबह रक्षाबंधन पर्व पर केन नदी में कजली विसर्जन करने गए थे। तभी सभी लोग एक के बाद एक करके गहरे पानी में समा गए। जिसमें पावनी और आकांक्षा को बाहर निकाल लिया गया। बाकी पांच बच्चे लापता हो गए। सूचना पाकर परिजन भी रोते-बिलखते मौके पर पहुंचे। मौके पर पहुंची पुलिस ने गोताखोरों के माध्यम से सूर्यांश, पुष्पेंद्र, राखी, विजय लक्ष्मी को अचेत हालत में बाहर निकाला। उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जसपुरा ले जाया गया, वहां डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। गोताखोरों ने तन्नू को तलाशने के लिए केन नदी में तकरीबन नौ घंटे तक मशक्कत की। घटनास्थल से 15 मीटर दूरी पर केन नदी के एक गड्ढे से विवेक का शव भी बरामद कर लिया गया। एक साथ पांच शव देखकर परिजन बेहाल हो गए।
इनसेट-
मृतकों के परिजनांे को मिलेंगे चार-चार लाख
बांदा। उप जिलाधिकारी पैलानी ने बताया है कि आज ग्राम गुरगवां, मजरा सिंधनकला, थाना-पैलानी बांदा ने रक्षाबन्धन के पर्व पर मनाये जाने वाले कजरी त्यौहार के अवसर पर मजरे में बहने वाली केन नदी में स्नान के दौरान फिसलने से 5 बच्चे नदी में डूब गये, जिस पर उनके द्वारा मौके पर तत्काल जाकर बच्चों की तलाश गोताखोरों के माध्यम से करायी गयी, जिसके फलस्वरूप सभी 05 बच्चों की बॉडी प्राप्त हुई है। उन्होंने बताया इस दुर्घटना में जिन परिवारों के बच्चे डूब गये हैं, उन्हें राजस्व विभाग की ओर से प्रत्येक बच्चों के परिवारजनों को चार-चार लाख रूपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जायेगी।