वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विधि विभाग का स्थापना दिवस 02 अक्टूबर 2023 को विधि विभाग के लाइब्रेरी हाल में मनाया गया तथा स्थापना दिवस के शुभ अवसर पर पुरातन छात्र समागम समारोह का आयोजन भी किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी द्वारा महात्मा गांधी व शिव प्रसाद गुप्त के प्रतिमां पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन कर आशीर्वचन के साथ प्रारम्भ हुआ।

कुलपति ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में गांधी के विचार को विद्यापीठ का आधारभूत ढ़ाचा बताया तथा नये छात्रों को पुरातन छात्रों से प्रेरणा लेकर विभाग व विश्वविद्यालय का नाम रोशन करने के बात कही। विधि के छात्र-छात्राओं को विधि की शिक्षा ईमानदारी और लगन के साथ ग्रहण करने की बात कही, क्योंकि यही हमारे विधि के छात्र आगे चलकर के विधि के भविष्य होंगे। कोई न्यायपालिका में जाएगा, कोई विधि व्यवसाय करेगा। कुछ लोग शिक्षा जगत में जाएंगे, तो हम कह सकते हैं विधि की शिक्षा एक ऐसी शिक्षा है जिसके लिए भविष्य में अपार संभावनाएं हैं। सरकारी नौकरी के साथ-साथ लोअर कोर्ट से लेकर के हाई कोर्ट सुप्रीम कोर्ट तक अपने प्रतिभा के माध्यम से विधि व्यवसाय कर विश्वविद्यालय का नाम रोशन करेंगे।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डाॅ. एस.पी.मिश्रा, विधि विभाग, हरिश्चन्द्र पी.जी.काॅलेेज ने प्राचीनता के महत्व पर जोर देते हुए विद्यार्थियों को विधि की शिक्षा ईमानदारी से ग्रहण करने पर जोर दिया। इस अवसर पर नये छात्रों को पुरातन छात्रों से सीखने का अवसर बताया।

कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि व पुरातन छात्र सुश्री निधि त्रिपाठी, सहायक अभियोजन अधिकारी, हजारीबाग, झारखण्ड ने अपने वक्तव्य में छात्र जीवन के अनुभव को बांटा एवं अपने आप को गौरान्वित महसूस किया। आपने बताया कि अपने लक्ष्य पर ध्यान केन्द्रित करते हुए हम भविष्य में आगे बढ़ सकते हैं।

विधि विभाग के विभागाध्यक्ष एवं संकायाध्यक्ष प्रो. रंजन कुमार ने अतिथियों का स्वागत अंगवस्त्रम, पुष्पगुच्छ व मोमेंटो देकर किया। इस अवसर पर डाॅ. शिल्पी गुप्ता, डाॅ. हंसराज, डाॅ. रामजतन प्रसाद, डॉ. पंकज कुमार, डॉ. शशांक चंदेल, डॉ. धनंजय शर्मा, डॉ. नेहा सिंह, डॉ. सना अहमद, डॉ. कुलदीप नारायण, डॉ. विजय प्रताप गौरव सहित काफी संख्या में पुरातन छात्र-छात्राएं व वर्तमान छात्र-छात्राएं लाइब्रेरी हाल में उपस्थित रहे। पुरातन छात्र-छात्राओं को कुलपति प्रोफेसर आनंद कुमार त्यागी द्वारा स्मृति चिन्ह व प्रमाण पत्र दिया गया ।

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