क्रासरःहर जरूरतमंद तक मदद पहुंचे यही है अपर्णा गोयल का मुख्य संकल्प
बांदा। मुफलिसी के बीच जीवन गुजार रहे बच्चों में शिक्षा का चिराग रोशन कर रहीं दिल्ली की अपर्णा गोयल राजनीति के साथ समाज सेवा में भी सक्रिय हैं। गरीबों की मदद व समाज की खुशहाली के प्रति आपके परहित भाव का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आपने उच्च शिक्षा हासिल करने के बाद भी नौकरी के लिए कभी इसलिए नहीं सोचा कि उनकी जगह किसी उस व्यक्ति को नौकरी मिले जिसको वास्तव में इसकी जरूरत है।
राजधानी नई दिल्ली की अपर्णा गोयल आज किसी परिचय की मोहताज नहीं हैं। राजनीति के साथ समाज सेवा के मिशन ने लोगों के बीच आपको खासा लोकप्रिय बना दिया है। सामाजिक कार्यों में आप वर्ष 2002 यानी दो दशक से भी ज्यादा समय से सक्रिय हैं। यूं तो आप समाज के हर क्षेत्र में लोगों को मदद पंहुचाती हैं। लेकिन मुफलिसी के बीच जीवन गुजार रहे बच्चों का स्कूलों में दाखिला कराकर उनमें शिक्षा की अलख जगाना आपका मुख्य लक्ष्य है। अपर्णा बताती हैं कि समाजसेवा के कार्यों को बेहतर तरीके से संचालित करने को उन्होंने वर्ष 2007 में श्प्रभवश् नाम का एनजीओ बनाया जो लगातार समाजिक कार्यों व शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रहा है। एक बातचीत में अपर्णा गोयल ने बताया कि जब नींव मजबूत हो तभी इमारत शानदार होती है। प्रभव इसी मकसद को पूरा करने के लिए हर वर्ग के बच्चों को गुणवत्ता परक शिक्षा दिलाने का काम कर रहा है इसके लिए प्राइवेट स्कूलों में ईडब्ल्यूएस के तहत जो 25 प्रतिशत निशुल्क सीटे मिलती हैं उनमें गरीब व जरूरतमंद बच्चों का दाखिला कराकर उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ रहे हैं। 2010 तक पूर्वी दिल्ली में मदनपुर खादर, गांधीनगर सहित यहां के ज्यादातर क्षेत्रों को सामाजिक कार्यों से कवर किया है। जगह जगह आधार कार्ड के कैंप लगवाकर लोगों के आधार कार्ड बनवाएं हैं।अभी भी आनंद विहार वार्ड 206 व प्रीत विहार वार्ड 204 में आधार कार्ड के कैंप चल रहे हैं। पूर्व पार्षद अपर्णा गोयल भारतीय जनता पार्टी में सक्रिय रूप से जुड़ी हैं। आप शाहदरा जिले में भाजपा महिला मोर्चा की जिला महामंत्री व उपाध्यक्ष पद पर रह चुकी हैं। भाजपा की जिला टीम में प्रवक्ता पद का भी दायित्व संभाल चुकी हैं। वर्ष 2017 में वार्ड 19 (जो वर्तमान में वार्ड 205 हो गया है) से पार्षद पद पर जनरल सीट में भाजपा से चुनाव जीती थीं। अपर्णा गोयल समाज सेवा के क्षेत्र में वह नाम है जो समाज में जरूरतमंदों की सेवा के प्रति बेहद संजीदा हैं। उनके इस परहित भाव का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता कि उच्च शिक्षा हासिल करने के बाद भी उन्होंने नौकरी इसलिए नहीं की है कि उनकी जगह नौकरी उन्हें मिले जिसे वास्तव में इसकी जरूरत है। अपर्णा आईआईएम बेंगलुरू से स्नातक, लेडी श्रीराम कालेज, दिल्ली से स्नातकोत्तर व बीएड किए हैं।