बांदा। लाल सोने की लूट में सिल्पाही बालू खदान के माफिया किसी से पीछे नहीं है।दबंगई की हद उस वक्त मौरंग माफिया ने पार कर दी। जब उसके गुर्गों ने कहा कि मनमानी करने की हमको छूट है खाकी और खादी का हमारे मालिकानों से पुराना गठजोड़ है किसकी मजाल है जो इस खदान मैं जॉच और कार्रवाई कर सके। मांनक विपरीत काम करना जैसे आवाज खनन के साथ ही ट्रैको में ओवरलोड करना और सीमांकन से दूर अवैध खनन करना है उनकी पुरानी फितरत में शुमार है। केन नदी के किनारे कगार काटकर जलधारा को प्रभावित कर रहे है। समय रहते अगर इसमें रोक नहीं लगी तो आने वाले वक्त में कई गांवों को बाढ़ के पानी में डूबने से नहीं बचाया जा सकता है। बालू माफिया किसी अपराधी सरगना से कम नहीं है यह बात ग्रामीणों ने बताई की सूबे के मुखिया ही हम सबको आने वाली इस बड़ी आफ़त के साथ ही इन माफियाओं के काले कारनामो को रोकने में सक्षम है। क्योंकि बालू माफिया के गुर्गों का फरमान है हम बालू माफिया खतरनाक शैतान है।

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