बांदा। जिला उद्यान अधिकारी बांदा केशवराम चौधरी ने बताया है कि जिला उद्यान विभाग द्वारा जनपद बाँदा के कृषि विज्ञान केन्द्र में पर ब्लाक वन क्राप कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उप निदेशक उद्यान, चित्रकूट धाम मण्डल, बाँदा, विनय यादव जी द्वारा किया गया। कार्यक्रम में करीब 100 कृषको ने प्रतिभाग किया और उन्होनें प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डालर के लक्ष्य तक पहुँचाने के लिए हार्टीकल्चर आधारित वैज्ञानिक तरीकों को जानकारी दी। कार्यक्रम में किसानों को बताया गया कि कैसे टमाटर, फूलगोभी, प्याज, हरीमटर तथा मूली जैसी फसलों को नवीन तकनीकों से तैयार कर प्रदेश से बाहर बेचा जाए ताकि उत्पादों का मूल्य संवर्धन हो और किसानों की आय दो गुनी की जा सके। डा० सुभाष चन्द्र सिहं वरिष्ठ वैज्ञानिक द्वारा करेला, लौकी, तरोई जैसी सब्जियों को मचान विधि से उगाने की सलाह दी, और ड्रैगन फ्रूट की खेती के बारे में विस्तार से जानकारी दी, जिससे पैदावार में वृद्धि हो सके और बाजार में बेहतर दाम मिल सके। उन्होनें किसानों को कंटिग, ग्राप्टिगं व बडिंग जैसे हार्टीकल्चर तकनीकों के प्रशिक्षण द्वारा कृषि विज्ञान केन्द्र में पंजीकरण कराने का आवाहन भी किया। इस मौके पर डा० श्याम सिंह ने किसानों को मौसम आधारित खेती अपनाने की सलाह दी और बाँदा के प्रगतिशील कृषक प्रेम सिंह द्वारा अपने औद्यानिक खेती का अनुभव किसानों के बीच साझा किया गया। अन्त में जिला उद्यान अधिकारी द्वारा विभाग में संचालित समस्त योजनओं की विस्तृत जानकारी कृषकों के मध्य दी गयी और उनके द्वारा बताया गया कि इंटरक्रापिगं के माध्यम से बागवानी और फसलों का समन्वय कर किसानों की आमदनी को बढ़ाया जा सकता है। कार्यक्रम में डा० विजेन्द्र कुमार सिंह सहायक प्राध्यापक, कृषि विश्वविद्यालय, इखबिन्द कुमार ज्येष्ठ कृषि विपणन निरीक्षक, अपर साख्यिकी अधिकारी शिवेन्द्र सिंह बघेल, उद्यान निरीक्षक नवनीत त्रिपाठी, दिग्विजय सिंह, अरूण कुमार और अर्जुन कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *