– धार्मिक स्थलों के सामने नारेबाजी में रोक
– मरकजी कमेटी ने बैठक कर दिए सख्त निर्देश
– आज निकलेगा जुलूसे गौसिया
बांदा। इस्लामी कलेंडर के मुताबिक रबिउस्सानी माह की 11 तारीख को जुलूस-ए-गौसिया निकलेगा। खुद्दामे गौसो ख्वाजा मरकजी कमेटी के तत्वावधान में खाईपार मोहल्ले में तैयारी को लेकर अंतिम बैठक की गई। शनिवार (04 अक्टूबर) को परंपरागत जुलूस निकाला जाएगा। इसमें शामिल होने वाली कमेटियों के पदाधिकारियों को डीजे व आतिशबाजी न लाने की हिदायत दी गई।
बैठक की सदारत (अध्यक्षता) करते हुए मौलाना शफीकुद्दीन ने कहा कि गौस-ए-आजम हजरत अब्दुल कादिर जिलानी की याद में हर साल अरबी महीने रबी-उल-सानी की 11 तारीख इस वर्ष चांद के अनुसार 04 अक्टूबर को जुलूस-ए-गौसिया निकाला जाता है। हजरत अब्दुल कादिर जिलानी की मजार इराक के बगदाद में है। वे सूफी कादरी सिलसिले के संस्थापक हैं। उनके सूफी सिलसिले से दुनिया भर के लाखों लोग जुड़े हैं। उन्होंने बताया कि शनिवार को दोपबर ढाई बजे कान का दरगाह के सामने से अपने निर्धारित रास्ते से ही जुलूस-ए-गौसिया निकाला जाएगा।
मीडिया प्रभारी सैय्यद इमरान अली शीबू ने कहा कि डीजे, शस्त्र व आतिशबाजी आदि पर पाबंदी रहेगी। किसी प्रकार सियासी या ऐसे नारे न लगाएं जो किसी भी समुदाय अथवा व्यक्ति विशेष को ठेस पहुंचाने वाले हों। मरकजी कमेटी के निर्देशों का पालन करने वाली कमेटियां ही इसमें शामिल रहेंगी। बैठक में मेराज हशमती, गौसुल इमरान रजा, मौलाना मिराजुल हसन, नसीब चिश्ती, अब्दुर्रहमान, फारूक अहमद, सैयद अख्तर अली, अनीस, उवैश लाला, सादिक अली, बरकत अली, मुबश्शर रजा, मेराज अली, गुल मोहम्मद, शोएब, शारिक, तुफैल, तौफीक सहित अन्य कमेटियों के पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल रहे।
– मरकजी कमेटी ने बैठक कर दिए सख्त निर्देश
– आज निकलेगा जुलूसे गौसिया
बांदा। इस्लामी कलेंडर के मुताबिक रबिउस्सानी माह की 11 तारीख को जुलूस-ए-गौसिया निकलेगा। खुद्दामे गौसो ख्वाजा मरकजी कमेटी के तत्वावधान में खाईपार मोहल्ले में तैयारी को लेकर अंतिम बैठक की गई। शनिवार (04 अक्टूबर) को परंपरागत जुलूस निकाला जाएगा। इसमें शामिल होने वाली कमेटियों के पदाधिकारियों को डीजे व आतिशबाजी न लाने की हिदायत दी गई।
बैठक की सदारत (अध्यक्षता) करते हुए मौलाना शफीकुद्दीन ने कहा कि गौस-ए-आजम हजरत अब्दुल कादिर जिलानी की याद में हर साल अरबी महीने रबी-उल-सानी की 11 तारीख इस वर्ष चांद के अनुसार 04 अक्टूबर को जुलूस-ए-गौसिया निकाला जाता है। हजरत अब्दुल कादिर जिलानी की मजार इराक के बगदाद में है। वे सूफी कादरी सिलसिले के संस्थापक हैं। उनके सूफी सिलसिले से दुनिया भर के लाखों लोग जुड़े हैं। उन्होंने बताया कि शनिवार को दोपबर ढाई बजे कान का दरगाह के सामने से अपने निर्धारित रास्ते से ही जुलूस-ए-गौसिया निकाला जाएगा।
मीडिया प्रभारी सैय्यद इमरान अली शीबू ने कहा कि डीजे, शस्त्र व आतिशबाजी आदि पर पाबंदी रहेगी। किसी प्रकार सियासी या ऐसे नारे न लगाएं जो किसी भी समुदाय अथवा व्यक्ति विशेष को ठेस पहुंचाने वाले हों। मरकजी कमेटी के निर्देशों का पालन करने वाली कमेटियां ही इसमें शामिल रहेंगी। बैठक में मेराज हशमती, गौसुल इमरान रजा, मौलाना मिराजुल हसन, नसीब चिश्ती, अब्दुर्रहमान, फारूक अहमद, सैयद अख्तर अली, अनीस, उवैश लाला, सादिक अली, बरकत अली, मुबश्शर रजा, मेराज अली, गुल मोहम्मद, शोएब, शारिक, तुफैल, तौफीक सहित अन्य कमेटियों के पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल रहे।