बांदा। बाँदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, बाँदा (उत्तर प्रदेश) के वानिकी संकाय के मेधावी छात्र रीतिक रोशन ने अपनी लगन, परिश्रम एवं विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों के स्नेहपूर्ण मार्गदर्शन से बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा आयोजित अखिल भारतीय प्रतियोगी परीक्षा में सफलता प्राप्त कर शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, शालिमार कैम्पस, श्रीनगर में पीएच.डी. में प्रवेश प्राप्त किया है। रीतिक रोशन ने बाँदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय से एम.एससी. विषय में ब्रान्ज मेडल प्राप्त कर विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया था। ग्राम फूलपुर, जनपद गाज़ीपुर के निवासी रीतिक ग्रामीण परिवेश से आते हैं. उनके पिता राम सकल कुशवाहा एक किसान हैं तथा माता गृहिणी हैं। साधारण पृष्ठभूमि के बावजूद रीतिक ने अपनी मेहनत, अनुशासन और शिक्षकों के मार्गदर्शन से यह सफलता अर्जित की है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय बाँदा कृषि विश्वविद्यालय के शिक्षकों और विशेष रूप से वानिकी संकाय के अधिष्ठाता डॉ. संजीव कुमार को दिया है, जिनके निर्देशन में उन्होंने अपनी शैक्षणिक यात्रा को निखारा। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एस.वी.एस. राजू ने रीतिक रोशन सहित सभी सफल छात्रों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं और कहा कि यह उपलब्धि विश्वविद्यालय की गुणवत्ता एवं विद्यार्थियों के परिश्रम का परिणाम है। गौरतलब है कि बाँदा कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के एम.एससी. (फारेस्ट्री) 2023 बैच के कुल छह छात्रों ने इस वर्ष आईकार द्वारा आयोजित प्रवेश परीक्षा में विभिन्न विश्वविद्यालयों में चयन प्राप्त किया है। यह विश्वविद्यालय और वानिकी संकाय के लिए गर्व की बात है कि इसके छात्र राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रहे हैं। रीतिक रोशन ने अपनी सफलता पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि मेरे माता-पिता, शिक्षकों और विश्वविद्यालय के आशीर्वाद का परिणाम है। बाँदा विश्वविद्यालय ने मुझे जो ज्ञान और मार्गदर्शन दिया, उसी के बल पर आज मैं यह मुकाम हासिल कर सका हूँ। विश्वविद्यालय परिवार ने भी इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए आशा जताई कि रीतिक रोशन जैसे छात्र आने वाले समय में देश के वानिकी क्षेत्र में अनुसंधान एवं नवाचार के नए आयाम स्थापित करेंगे।