– जिले कई ग्रामों में अभी तक नहीं पहंुच रहा पानी
– कागजी कोरम में सिमट कर रह गयी योजना
बांदा। केन्द्र की मोदी सरकारी ने ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए अपनी महत्वाकांक्षी योजना जलजीवन मिशन को चलाया था। इस योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए करोड़ों रूपये योजना व भारी-भरकम राशि से योजना के प्रसार में खर्च होने के बाद भी योजना पूरी तरह से अमली जामा नहीं पहन पा रही है। हालात को यह हैं कि जनपद के अधिकतर गांवों मंे लोगों को पीने के लिए पानी नहीं मिल रहा है। इस योजना में हुऐ घोटाले की सारी पोल ग्रामीणों के द्वारा लगातार खोली जा रही है। महुआ ब्लाक के ग्राम अजीतपारा में भी इस योजना में जमकर भ्रष्टाचार हुआ है। अभी लोगांे इस योजना से पानी की एक बूंद तक मयस्सर नहीं हुयी है।
बताते चलें कि केंद्र सरकार की योजना हर घर नल और जल मिशन की उड़ाई गईं धज्जिया उड़ाई जा रही है। आपको बताते चलें की जनपद बाँदा के बिसंडा रोड ग्रामपंचायत अजीतपारा में इन दिनों पेयजल संकट मंडरा रहा है और गांव में लगे नल पानी तो नही दे रहें लेकिन हवा जरूर दे रहें है ग्रामीणों ने बताया की गावों में नल लगभग टेढ़ शाल पहले लग गए थे और इन टेढ़ साल में एक बार भी पानी पानी नही आया एक दिन आया ओ भी नाम मात्र का नलों में लगी टोटीया चोर चुरा लें गए तो कुछ ने चोरी के डर से टोटीयां निकालकर घर में रख लिया पानी की किल्ल्त फरवरी माह में ऐसी है तो आगे गर्मियों के महीनो में कैसी होंगी इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
इस विषय में अजीत पारा प्रधान नत्थू से बात की गईं उन्होंने बताया की हम गांव में नही है,, नलों में पानी नही आ रहा शिकायत की गईं है लेकिन कब की गईं शिकायत? कहाँ है शिकायत पत्र? वहीं अजीतपारा की गौ शाला में भी गौ वंशो को समय से चारा भूसा नही दिया जाता है,,सूखा पैरा खाती मिली गौ वंशे जबकि केयटेकर लगभग छः लगे है 24-25 में नाली साफ सफाई और नाला में पटिया ठकने को लेकर,मजदूरी के नाम पर पैसा निकला गया था सूत्रों के मुताबिक जानकारी मिली की नाले का पैसा पूर्व प्रधान के द्वारा बहुत पहले पास करा लिया गया है लेकिन किसी भी प्रकार का नाला नही बना ना किसी प्रकार का कुछ यहां पर कार्य हुआ सिर्फ गड्ढा करके छोड़ दिया गया जिसमें बरसात के मौसम में पानी भर जाता है जिसके बाद तमाम समस्या ख़डी हों जाती है,, ज़ब हमने प्रधान से कागज दिखाने को कहाँ की कहाँ कहाँ नल की शिकायत की गईं और कहाँ कहाँ सरकारी योजनाओं के तहत कार्य किया गया लेकिन अभी तक कोई कागज नही मिले न कोई जानकारी दी गईं प्रधान द्वारा जल जीवन मिशन योजना को पलीता लगाने वालो पर क्या कार्यवाही होंगी? है या फिर यह शोपीस में लगे हुए नल इसी तरह रोते रहेंगे।