– अलग बुंदेलखंड राज्य के लिए पदयात्रा तेज, युवाओं से आंदोलन में जुड़ने की अपील
बांदा। बुंदेलखंड को पृथक राज्य बनाने के संकल्प के साथ बुंदेलखंड संयुक्त मोर्चा के नेतृत्व में निकाली जा रही ‘गांव-गांव, पांव-पांव’ पदयात्रा को जनपद बांदा में व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है। क्षेत्र के युवाओं को उनके घर के पास ही रोजगार उपलब्ध कराने, पलायन रोकने और बुंदेलखंड के सर्वांगीण विकास के लिए स्वायत्त राज्य की मांग को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से यह पदयात्रा आयोजित की जा रही है।पदयात्रा का नेतृत्व फिल्म अभिनेता एवं बुंदेलखंड राज्य आंदोलन के प्रमुख चेहरा राजा बुंदेला तथा डॉ. आश्रय सिंह कर रहे हैं। बांदा जनपद के सभी आठ ब्लॉकों में इस अभियान को गति देने के लिए जयराम सिंह ‘बछेउरा’ सह-नेतृत्वकर्ता के रूप में सक्रिय हैं, जबकि नीरज निगम यात्रा प्रबंधक के रूप में अपनी टीम के साथ पदयात्रा की व्यवस्थाएं संभाल रहे हैं।यात्रा के तीसरे दिन बबेरू के ऐतिहासिक रामलीला परिसर से पदयात्रा आगे बढ़ी, जहां बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों और युवाओं ने भाग लिया। इस अवसर पर बुंदेलखंड राष्ट्र समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रवीण पांडेय ने युवाओं से आह्वान करते हुए कहा कि बुंदेलखंड के भविष्य के लिए अब हर गांव और हर घर तक राज्य निर्माण की आवाज पहुंचानी होगी। उन्होंने कहा कि यदि बुंदेलखंड को अलग राज्य का दर्जा मिलता है तो यहां के प्राकृतिक संसाधनों और रोजगार के अवसरों का लाभ स्थानीय युवाओं को मिलेगा।पूर्व मंत्री उत्तर प्रदेश एवं सांसद प्रतिनिधि शिव शंकर पटेल ने कहा कि बुंदेलखंड की सबसे बड़ी समस्या आपसी बिखराव रही है। यदि सभी लोग एकजुट होकर संघर्ष करें तो अलग बुंदेलखंड राज्य का सपना अवश्य साकार होगा।पूर्व चेयरमैन विजय पाल सिंह ने कहा कि बुंदेलखंड की माटी और आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सभी को एक मंच पर आकर राज्य निर्माण की मांग को मजबूत करना होगा।जनसभा को संबोधित करते हुए राजा बुंदेला ने जोश भरते हुए नारा दियाकृ“बुंदेलखंड की धरती हो, बुंदेलखंड में भर्ती हो।”उन्होंने कहा कि अलग राज्य बनने से विकास की गति तेज होगी और युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे प्रदेशों में भटकना नहीं पड़ेगा।पदयात्रा की रूपरेखा बताते हुए जयराम सिंह ‘बछेउरा’ ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य हर गांव में जाकर लोगों से संवाद करना और उन्हें बुंदेलखंड राज्य आंदोलन से जोड़ना है।यात्रा प्रबंधक नीरज निगम ने बताया कि विभिन्न गांवों से गुजरती हुई यह पदयात्रा 15 मार्च को बांदा के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में पहुंचेगी, जहां एक विशाल जनसभा आयोजित की जाएगी और बुंदेलखंड राज्य निर्माण के लिए निर्णायक हुंकार भरी जाएगी।पदयात्रा को मिल रहा अपार जनसमर्थन यह संकेत दे रहा है कि अब बुंदेलखंड की जनता अपने अधिकार, सम्मान और पहचान के लिए एकजुट होकर आंदोलन को नई दिशा देने के लिए तैयार है। यह पदयात्रा बांदा जनपद के आठों ब्लॉकों से विभिन्न गांवों से गुजरते हुए 15 मार्च को बांदा के रामलीला मैदान में एक विशाल जनसभा के रूप में परिवर्तित होगी। आप सभी जनपदवासियों से अनुरोध है कि ज्यादा से ज्यादा संख्या पहुंचे।