बांदा। झांसी – मीरजापुर राष्ट्रीय राजमार्ग 35 पर कस्बे के फतेहगंज तिराहा से चित्रकूट की ओर महुराई मोड़ तक गहरे जानलेवा गड्ढे दुर्घटना का कारण बने हुए है । विभागीय उदासीनता के चलते आए दिन होने वाली मार्ग दुर्घटनाओं से हाईवे का यह हिस्सा ष्ब्लैक स्पॉट ष् बन चुका है।
बांदा-चित्रकूट-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग पर महुराई मोड़ के पास जानलेवा गड्ढों के कारण सोमवार को हुए दर्दनाक हादसे में ई-रिक्शा चालक अमरजीत की असमय मौत के बाद भी संबंधित विभागों की उदासीनता बरकरार है। इस मुख्य हाईवे पर महुराई मोड़ से बदौसा तक कई फीट गहरे और पानी से लबालब भरे गड्ढे बने हुए हैं, जिससे यह मार्ग श्ब्लैक स्पॉटश् बन चुका है। भारी वाहनों के दबाव और इन गड्ढों के कारण छोटे वाहनों व राहगीरों के लिए सुरक्षित सफर तय करना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर गहरा असंतोष है कि सड़कों को समय पर दुरुस्त न किए जाने की कीमत आम नागरिकों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ रही है।
इस गंभीर दुर्दशा और हादसे पर चिंता व्यक्त करते हुए समाजसेवी शाहनवाज खान श्शानूश् तथा दुवरिया गांव के प्रेम सिंह यादव उर्फ बबलू ने कहा कि बांदा-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग की यह बदहाली विभागीय अनदेखी और कागजी दावों की पोल खोलती है। महुराई के गरीब अमरजीत की असमय मृत्यु एक अत्यंत दुखद घटना है, जिसे समय रहते गड्ढों को भरकर टाला जा सकता था। उन्होंने जिला प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि मृतक के पीड़ित परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए उन्हें अविलंब उचित सरकारी सहायता व मुआवजा प्रदान किया जाए। साथ ही जनहित में इस राष्ट्रीय राजमार्ग को बिना किसी देरी के युद्धस्तर पर गड्ढामुक्त कर दुरुस्त किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसे किसी अन्य गंभीर हादसे को रोका जा सके।