सुप्रीम कोर्ट के आदेश के 10 माह बीत चुके हैं विभाग नही दे रहा है नियुक्ति,
लखनऊ |इस भर्ती में एक शैक्षिक परिभाषा प्रश्न गलत पाए जाने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की डबल बेंच ने 25 अगस्त 2021 को एक अंक बढ़ाते हुए न्यायालय की शरण में आए अभ्यर्थियों को नियुक्ति का आदेश दिया था जिसे सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दाखिल किया वहां सरकार की याचिका को खारिज करते हुए हाईकोर्ट के आदेश को बरकरार रखा गया इन अभ्यर्थियों का ऑनलाइन प्रत्यावेदन 11 जनवरी 2023 से 19 जनवरी 2023 में लिया गया और अभी तक की बेसिक शिक्षा परिषद कार्यालय द्वारा चयन सूची जारी नहीं की गई है। हालांकि सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी द्वारा 2 मार्च 2023 को 2249 पात्र अभ्यर्थियों की सूची को परिषद में भेज दिया गया है सचिव पीएनपी अनिल भूषण चतुर्वेदी ने 5 जून और 26 जून को सचिव परिषद से जवाब मांगा था लेकिन सचिव परिषद द्वारा कोई जवाब नहीं भेजा गया है इसके बाद भी अब तक परिषद की ओर से कोई भी कार्यवाही नहीं की जा रही है। जिससे हजारों अभ्यार्थियों को 4 वर्ष से सुप्रीम कोर्ट से जीतने के बाद भी नियुक्ति का इंतजार करना पड़ रहा है। बेसिक शिक्षा परिषद कार्यालय में सचिव प्रताप सिंह बघेल बैठते नहीं हैं जिससे अभ्यार्थियों की मुलाकात भी कार्यालय भी कभी कभी हो पाती है। इस भर्ती को लगभग 4 वर्ष होने वाले हैं फिर भी बेसिक शिक्षा परिषद के कारण इस भर्ती के हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में है।मंगलवार के दिन शिक्षा निदेशालय में धरना दे रहे अभ्यर्थियों को प्रशासन द्वारा शाम को सचिव परिषद से मुलाकात करवाई गई थी सचिव परिषद ने सिर्फ मौखिक आश्वासन दिया था इसके बाद सुरक्षा प्रशासन द्वारा प्रदेश भर के आए सैकड़ों अभ्यर्थियों को इको गार्डन छोड़ दिया गया।नाराज अभ्यर्थियों ने दूसरे दिन बुधवार को इको गार्डन में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। दुर्गेश शुक्ला, रोहित शुक्ला, राम मिश्रा, प्रसून दीक्षित, आदि ने बताया कि जब तक सचिव परिषद प्रताप सिंह बघेल नियुक्ति की लिखित कार्यवाही नही करते हैं तब तक धरना प्रदर्शन जारी रखेंगे।

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