बांदा। राष्ट्रीय फाइलेरिया दिवस के अवसर पर गुरूवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मुलन कार्यक्रम के अन्तर्गत कार्यालय मुख्य चिकित्सा अधिकारी परिसर में फाईलेरिया रोग ( लिम्फोडिमा) से ग्रसित रोगिंयों को मोर्विडिटी मैनेजमेन्ट हेतु कैम्प का आयोजन किया गया। उक्त कैम्प में मुख्य चिकित्सा अधिकारी महोदय द्वारा शहरी क्षेत्र बांदा के रोगियों को मोर्विडिटी मैनेजमेन्ट किट वितरित की एवं फाइलेरिया से प्रभावित अंग की सुरक्षा के उपाय बताये। कैम्प में कुल अर्बन बांदा से 12 रोगियों ने प्रतिभाग किया। जनपद में कुल 837 फाइलेरिया केस है सभी को गतवर्ष एम0एम0डी0 किट का वितरण किया जा चुका है। जिला मलेरिया अधिकारी बांदा, द्वारा फाइलेरिया रोग से सम्बन्धित जानकारी देते हुए सभी को अवगत कराया कि उक्त रोग मच्छर के काटने से होता है, इस रोग में हांथ , पैर , हाइड्रोसील, स्तन आदि का आकार सामान्य से अधिक मोटा हो जाता है। फाइलेरिया रोग से बचाव हेतु मच्छर के काटने से बचे, मच्छर दानी का प्रयोग करें, रोगी नियमित दवा का सेवन करें एवं घर के समस्त सदस्यों की जांच अवश्य करायें। उक्त कैम्प में जिला मलेरिया अधिकारी, श्रीमती पूजा अहेरवार, बायोलॅाजिस्ट, अतुल कुमार, जिला वेक्टर जनित रोग सलाहकार प्रदीप कुमार, सीनियर लैब टैक्नीशियन बृज विहारी एवं फाइलेरिया, निरीक्षक गोपाल यादव एवं सूरज खिरिया तथा एच0एस0 राकेश खरे उपस्थित रहे। फाइलेरिया की जांच प्रत्येक मंगलवार कार्यालय मुख्य चिकित्सा अधिकारी बांदा परिसर में सायं 7ः30 बजे निशुल्क की जाती है।