बांदा। बिसण्डा ब्लाक क्षेत्र के चौसड़ गांव में जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से करीब एक सैकड़ा घरों में बारिश का पानी भर गया। ग्रामीणों के विरोध के बाद प्रधान/प्रशासक व सचिव की ओर से जेसीबी मशीन लगाकर अतर्रा-ओरन मुख्य मार्ग को करीब दस फुट तक तोड़ दिया गया। इससे मार्ग पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है।
जल निकासी के लिए सड़क तो तोड़ दी गई, लेकिन आवागमन के लिए किसी वैकल्पिक अथवा डायवर्जन मार्ग की व्यवस्था नहीं की गई। इसके चलते बाइक, ई-रिक्शा और चार पहिया वाहनों को मार्ग से वापस लौटना पड़ रहा है। अतर्रा से ओरन जाने वाले लोगों को बिसण्डा होकर ओरन पहुंचना पड़ रहा है। मार्ग टूटने से लगभग आधा दर्जन से अधिक गांव भी प्रभावित हुए है। जिसमे बनई, गौतमपुर, शंकर पुरवा, चुहुका पुरवा, नांदन मऊ, तेन्दुरा आदि गांव प्रभावित हुए है इससे लोगों को करीब 20 किलोमीटर से अधिक का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा है।अतर्रा-ओरन मुख्य मार्ग से प्रतिदिन हजारों लोगों का आवागमन होता है। मार्ग बाधित होने से राहगीरों के साथ-साथ स्थानीय वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। राहगीरो का कहना है कि जल निकासी की समस्या का समाधान जरूरी था, लेकिन सड़क तोड़ने से पहले वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था की जानी चाहिए थी, ताकि लोगों को परेशानी न हो।इस संबंध में उपजिलाधिकारी अतर्रा शैलेन्द्र कुमार मिश्रा ने बताया कि भारी बारिश के कारण चौसड़ गांव के करीब सौ मकानों में पानी भर गया था। जल निकासी के लिए पीडब्ल्यूडी विभाग से वार्ता कर अतर्रा-ओरन मार्ग को कटवाया गया है। उन्होंने बताया कि शाम तक अथवा कल तक पीपे डलवाकर मुख्य मार्ग को दुरुस्त कराया जाएगा, जिसके बाद आवागमन सुचारु रूप से शुरू करा दिया जाएगा।