हमीरपुर। प्रभावी पैरवी और मजबूत साक्ष्यों के आधार पर एससी/एसटी एक्ट के एक मामले में न्यायालय ने दो अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए 4-4 वर्ष के सश्रम कारावास तथा प्रत्येक पर 18,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। न्यायालय के इस निर्णय के बाद पुलिस विभाग ने प्रभावी विवेचना एवं अभियोजन पैरवी को अपनी महत्वपूर्ण सफलता बताया है।
पुलिस के अनुसार थाना मौदहा में मुकदमा अपराध संख्या 32/2010 धारा 323, 34, 504, 506 भादवि एवं 3(1)(10) एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। मामले में अभियुक्त राजू सिंह उर्फ अमर सिंह पुत्र रामशंकर सिंह तथा बेटा सिंह पुत्र त्रिमोहन सिंह, निवासी ग्राम तिंदौली, थाना मौदहा, जनपद हमीरपुर को दोषसिद्ध पाया गया।
मामले की विवेचना के दौरान पुलिस द्वारा आवश्यक साक्ष्य संकलित किए गए और आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। इसके बाद अभियोजन पक्ष की ओर से मामले की प्रभावी पैरवी की गई। न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों एवं दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद दोनों अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए चार वर्ष के सश्रम कारावास और 18-18 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया।
हमीरपुर पुलिस ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में गंभीर एवं संवेदनशील मामलों में गुणवत्तापूर्ण विवेचना के साथ-साथ न्यायालय में प्रभावी पैरवी पर विशेष जोर दिया जा रहा है, ताकि दोषियों को कानून के अनुसार सजा दिलाई जा स