मौदहा, हमीरपुर। पुलिस की प्रभावी पैरवी और गुणवत्तापूर्ण विवेचना के चलते दहेज हत्या के एक मामले में न्यायालय ने तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।
पुलिस के अनुसार थाना मौदहा में पंजीकृत मुकदमा अपराध संख्या 447/2022 में धारा 498ए, 304बी भादंवि एवं 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई थी। मामले में प्रभावी पैरवी के बाद जिला एवं सत्र न्यायालय, हमीरपुर ने आरोपियों को दोषसिद्ध पाया।
दोषी पाए गए आरोपियों में मुलिया पत्नी रामऔतार निषाद, हंसराज उर्फ हस्सू पुत्र रामऔतार निषाद तथा रामऔतार निषाद पुत्र स्व. बजलाल, निवासी ग्राम छिमौली, थाना मौदहा, जनपद हमीरपुर शामिल हैं।
न्यायालय ने तीनों दोषियों को 10-10 वर्ष के कारावास तथा 15-15 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
पुलिस विभाग के अनुसार यह कार्रवाई ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत प्रभावी विवेचना और न्यायालय में समयबद्ध रूप से साक्ष्य प्रस्तुत किए जाने के परिणामस्वरूप हुई। मामले की पैरवी अभियोजक डीजीसी राजेश कुमार शुक्ला द्वारा की गई, जबकि विवेचक सीओ विवेक यादव और पैरोकार थाना मौदहा के का0 प्रदीप भार्गव रहे।