महोबा-, 11 अक्टूबर 2025।
खरीफ एवं रबी अभियान के अन्तर्गत जनपद में उर्वरक वितरण की व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो रही है। अब तक सहकारी समितियों के माध्यम से 878 मैट्रिक टन यूरिया, 2807 मैट्रिक टन डी.ए.पी. तथा 196 मैट्रिक टन एन.पी.के. किसानों को वितरित किया जा चुका है।
पी.सी.एफ. बफर गोदाम में वर्तमान में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक का भंडारण किया गया है —
सामान्य स्टॉक में 1802 मैट्रिक टन यूरिया, 1379 मैट्रिक टन डी.ए.पी. तथा 119 मैट्रिक टन एन.पी.के. उपलब्ध हैं।
वहीं प्रीपोजीशनिंग स्टॉक में 2446 मैट्रिक टन यूरिया और 350 मैट्रिक टन डी.ए.पी. सुरक्षित रखे गए हैं।
इस प्रकार जनपद में कुल मिलाकर 4248 मैट्रिक टन यूरिया, 2886 मैट्रिक टन डी.ए.पी. तथा 119 मैट्रिक टन एन.पी.के. की उपलब्धता सुनिश्चित है।
पी.सी.एफ. द्वारा समितियों को उनके आर.टी.जी.एस. के सापेक्ष आवंटन के अनुसार प्रतिदिन नियमित रूप से उर्वरक का प्रेषण किया जा रहा है।
जनपद के 52 सहकारी बिकी केन्द्रों पर आज की तारीख (11 अक्टूबर 2025) तक 313 मैट्रिक टन यूरिया, 648 मैट्रिक टन डी.ए.पी., तथा 40 मैट्रिक टन एन.पी.के. का प्रारम्भिक अवशेष उपलब्ध है।
प्रशासन के अनुसार प्रत्येक समिति पर उर्वरक वितरण की व्यवस्था पारदर्शी एवं नियंत्रण में है। राजस्व लेखपालों को संबंधित उप जिलाधिकारियों द्वारा समितियों पर नामित किया गया है, जो टोकन व्यवस्था के माध्यम से उर्वरक वितरण करा रहे हैं। वितरण कार्य पुलिस बल और राजस्व अधिकारियों की निगरानी में किसानों के आधार कार्ड एवं खतौनी के आधार पर पी.ओ.एस. मशीन के माध्यम से किया जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि वित्तीय वर्ष 2024-25 की इसी अवधि में 1546 मैट्रिक टन डी.ए.पी. का वितरण हुआ था, जबकि इस वर्ष अब तक 2807 मैट्रिक टन डी.ए.पी. वितरित किया जा चुका है — जो गत वर्ष की तुलना में 1261 मैट्रिक टन अधिक है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनपद में उर्वरक की किसी प्रकार की कमी नहीं है। किसान भाई अपने आधार कार्ड एवं खतौनी की छायाप्रति लेकर संबंधित सहकारी समिति केंद्र पर जाकर टोकन के आधार पर उर्वरक प्राप्त कर सकते हैं।