मांगें पूरी न होने पर 24 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार, राजस्व सेवाओं पर पड़ सकता है असर
मौदहा। अपनी विभिन्न मांगों के समाधान को लेकर उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ ने अब आंदोलन का रास्ता अपनाने का निर्णय लिया है। लेखपाल संघ की मौदहा तहसील शाखा की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार 3 अक्टूबर 2026 से 24 अक्टूबर 2026 तक चरणबद्ध आंदोलन चलाया जाएगा। आंदोलन के दौरान धरना-प्रदर्शन, विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों का बहिष्कार, काली पट्टी बांधकर विरोध, रक्तदान शिविर और मोटरसाइकिल रैली सहित कई कार्यक्रम प्रस्तावित किए गए हैं। इसके बाद मांगों का समाधान न होने पर 24 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार किया जाएगा।
लेखपाल संघ का कहना है कि संगठन की विभिन्न मांगों को लेकर शासन-प्रशासन को कई बार अवगत कराया जा चुका है। संघ के मुताबिक मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण अब चरणबद्ध आंदोलन का निर्णय लिया गया है। संघ ने अपने आंदोलन की पूरी रूपरेखा प्रशासन को भी भेज दी है।
3 अक्टूबर को समाधान दिवस का बहिष्कार
आंदोलन के पहले चरण में 3 अक्टूबर को सम्पूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार किया जाएगा। लेखपाल सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक धरना-प्रदर्शन करेंगे। इसके साथ ही मांगों से संबंधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा जाएगा।
इसके बाद 8 अक्टूबर को सभी लेखपाल तहसील के प्रशासनिक व्हाट्सएप ग्रुप से अलग होंगे। इस दौरान आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, विभिन्न रिपोर्ट एवं सत्यापन आदि से संबंधित ऑनलाइन कार्यों का बहिष्कार किए जाने की घोषणा की गई है।
काली पट्टी बांधकर करेंगे विरोध
आंदोलन के अगले चरण में 10 अक्टूबर को लेखपाल काली पट्टी बांधकर थाना दिवस पर कार्य करेंगे। इसके बाद 12 अक्टूबर को तहसील एवं जिला मुख्यालय पर रक्तदान शिविर आयोजित कर लेखपाल रक्तदान करेंगे। संघ ने आंदोलन को केवल विरोध तक सीमित न रखते हुए सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने की भी बात कही है।
14 अक्टूबर को निकलेगी मोटरसाइकिल रैली
कार्यक्रम के अनुसार 14 अक्टूबर को दोपहर एक बजे जिला मुख्यालय पर मोटरसाइकिल रैली निकाली जाएगी। रैली के बाद जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर लेखपालों की मांगों से अवगत कराया जाएगा।
17 से 23 अक्टूबर तक तहसील मुख्यालय पर धरना
आंदोलन के अगले चरण में 17 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक तहसील मुख्यालयों पर प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान लेखपाल संघ अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद करेगा और शासन से मांगों के शीघ्र समाधान की मांग करेगा।
24 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन आंदोलन
संघ ने आंदोलन का सबसे बड़ा चरण 24 अक्टूबर से शुरू करने की घोषणा की है। इस दिन से सभी लेखपाल सम्पूर्ण कार्य बहिष्कार करते हुए जिला मुख्यालय पर सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक धरना-प्रदर्शन करेंगे। कार्यक्रम में इसे अनिश्चितकाल तक जारी रखने की बात कही गई है।
ये हैं लेखपाल संघ की प्रमुख मांगें
लेखपाल संघ की प्रमुख मांगों में एक हल्का-एक वेतन, समान कार्य के लिए समान वेतन, 2800 ग्रेड पे, अंतरमंडलीय स्थानांतरण, समय पर पदोन्नति, पेट्रोल सुविधा, विशेष भत्ता और लेखपाल पद को टेक्निकल पोस्ट घोषित करना शामिल है।
संघ का कहना है कि लेखपाल राजस्व विभाग की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और ग्रामीण क्षेत्र में राजस्व संबंधी कार्यों के साथ आम जनता को विभिन्न सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। संघ के अनुसार पर्याप्त संसाधन, सुविधाएं और अपेक्षित सेवा लाभ नहीं मिलने के कारण लंबे समय से समस्याएं बनी हुई हैं।
राजस्व सेवाओं पर पड़ सकता है असर
लेखपालों के चरणबद्ध आंदोलन के कारण आय, जाति, निवास, राजस्व रिपोर्ट, सत्यापन तथा अन्य राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित होने की आशंका है। खासतौर पर 24 अक्टूबर से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार के कारण आम लोगों को तहसील स्तर पर होने वाले विभिन्न कार्यों के लिए परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
लेखपाल संघ ने आम जनता से आंदोलन के दौरान सहयोग की अपील की है। वहीं प्रशासन के सामने अब लेखपालों की मांगों और प्रस्तावित आंदोलन को लेकर समाधान निकालने की चुनौती होगी। आने वाले दिनों में शासन-प्रशासन की ओर से इस संबंध में क्या कदम उठाया जाता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।
लेखपाल संघ का संदेश
“न्याय, सम्मान और अधिकार” के नारे के साथ संघ ने आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। संघ की ओर से स्पष्ट किया गया है कि मांगों के समाधान तक आंदोलन जारी रखने की रणनीति तैयार की गई है।