संपूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार कर तहसील परिसर में बैठे लेखपाल, चरणबद्ध आंदोलन की शुरुआत

मौदहा। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शनिवार को मौदहा तहसील परिसर में लेखपालों ने धरना-प्रदर्शन किया। लेखपालों ने संपूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार करते हुए शासन-प्रशासन के सामने अपनी लंबित मांगों को प्रमुखता से उठाया। तहसील परिसर में बड़ी संख्या में लेखपाल एकत्र हुए और संगठन के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की।

लेखपाल संघ की ओर से पहले ही चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की गई थी। इसी क्रम में 3 अक्टूबर से आंदोलन की शुरुआत करते हुए लेखपालों ने धरना देकर विरोध दर्ज कराया। धरने के दौरान लेखपालों ने कहा कि लंबे समय से उनकी विभिन्न मांगें शासन स्तर पर लंबित हैं, जिनके समाधान को लेकर कई बार मांग उठाई जा चुकी है।

2800 ग्रेड पे समेत कई मांगें

लेखपालों की प्रमुख मांगों में 2800 ग्रेड पे, एक हल्का-एक वेतन, अंतर-मंडलीय स्थानांतरण, समय पर पदोन्नति, पेट्रोल सुविधा, विशेष भत्ता और लेखपाल पद को तकनीकी पद घोषित किए जाने सहित अन्य मांगें शामिल हैं।

लेखपालों का कहना है कि राजस्व विभाग के महत्वपूर्ण कार्यों के साथ-साथ आय, जाति, निवास, वरासत, सत्यापन, किसान संबंधी कार्य और शासन की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। इसके बावजूद उनकी समस्याओं का अपेक्षित समाधान नहीं हो सका है।

आंदोलन आगे भी रहेगा जारी

संघ के घोषित कार्यक्रम के अनुसार आने वाले दिनों में भी अलग-अलग चरणों में विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा। लेखपालों ने शासन से मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लिए जाने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को आगे और व्यापक किया जाएगा।

मौदहा तहसील में हुए धरना-प्रदर्शन के दौरान लेखपालों की बड़ी मौजूदगी देखने को मिली। धरने में शामिल लेखपालों ने एकजुट होकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठाई।

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