महोबा। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी  प्रभास कुमार की अध्यक्षता में सीएम डैशबोर्ड एवं आईजीआरएस की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री आवास योजना के लंबित आवेदनों का शीघ्र सत्यापन कराने तथा निर्माणाधीन आवासों के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने जनपद स्तरीय अधिकारियों को बिना पूर्व सूचना मुख्यालय से अनुपस्थित न रहने तथा जनपद मुख्यालय पर ही रहने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्देशों का पालन न करने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

जननी सुरक्षा योजना की रैंकिंग में सुधार के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। पर्यटन विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए विकास कार्यों में तेजी लाने को कहा गया। वहीं प्रोजेक्ट अलंकार के तहत माध्यमिक विद्यालयों में चल रहे निर्माण कार्यों को जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए।

युवा कल्याण विभाग द्वारा कराए जा रहे ग्रामीण स्टेडियम के निर्माण कार्य की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने बाउंड्रीवाल और गेट का निर्माण शीघ्र पूर्ण कराने को कहा। श्रमिकों की कन्याओं के विवाह से संबंधित योजना में निर्धारित लक्ष्य पूरा करने तथा मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत सामूहिक विवाह कार्यक्रम को लक्ष्य के अनुरूप जल्द संपन्न कराने के निर्देश जिला समाज कल्याण अधिकारी को दिए गए। सामूहिक विवाह योजना के आवेदनों के सत्यापन में भी तेजी लाने को कहा गया।

सीएमआईएस पोर्टल पर दर्ज परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए। ग्रामीण अभियंत्रण सेवा की परियोजनाओं को भी समयबद्ध तरीके से पूरा कराने तथा विकास कार्यों की रैंकिंग में सुधार करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी विभाग की लापरवाही के कारण यदि जनपद की रैंकिंग प्रभावित होती है तो संबंधित विभाग की जिम्मेदारी तय की जाएगी।

आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण पर विशेष जोर

आईजीआरएस के तहत प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे। मौके पर निरीक्षण करने, शिकायतकर्ता से वार्ता करने और गुणवत्तापूर्ण समाधान के बाद ही शिकायत का निस्तारण किया जाए।

उन्होंने अधिकारियों को क्षेत्र में नियमित भ्रमण कर शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि कोई भी शिकायत डिफाल्टर नहीं होनी चाहिए और शिकायतों के निस्तारण के बाद असंतुष्ट फीडबैक की स्थिति भी नहीं आनी चाहिए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी  बलराम कुमार, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व इंद्र नंदन सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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